
धमतरी। मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेषिया अभियान के तहत धमतरी पुलिस ने एक ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए नशे के सौदागरों पर सीधा आर्थिक प्रहार किया है। पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक धमतरी के मार्गदर्शन में जिले में पहली बार अवैध व्यापार से अर्जित चल-अचल संपत्तियों को चिन्हांकित कर सफेमा (SAFEMA) के तहत फ्रीज करने की कार्रवाई की गई है। नगर पुलिस अधीक्षक धमतरी और कोतवाली थाना प्रभारी द्वारा की गई विस्तृत जांच व वित्तीय विश्लेषण के माध्यम से आरोपियों की गुप्त संपत्तियों की जानकारी जुटाई गई थी। जांच में सामने आया कि तस्करों ने अवैध कारोबार से कमाए पैसों को बैंक खातों, बीमा योजनाओं, वाहनों और अचल संपत्तियों में निवेश कर रखा था, जिन्हें वैधानिक प्रक्रिया के तहत फ्रीज कर दिया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रथम सफेमा प्रकरण में आरोपी आरती रजक के बैंक खातों और बीमा योजनाओं में निवेशित कुल 12,93,636.76 रुपये मूल्य की संपत्ति फ्रीज की गई है।
वहीं, दूसरे प्रकरण में आरोपी करण सिंह ध्रुवांशी, उषा बाई ध्रुवांशी एवं जाइका ध्रुवांशी के बैंक खातों, वाहन और अचल संपत्तियों सहित कुल 22,91,479.75 रुपये मूल्य की संपत्ति को फ्रीज किया गया है। इस प्रकार दोनों ही मामलों को मिलाकर कुल 35,85,116.51 रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्ति को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया है। इन संबंधित आरोपियों के विरुद्ध पूर्व में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के अंतर्गत अपराध दर्ज हैं और पूर्व में इनके खिलाफ (PITNDPS) एक्ट के तहत भी सख्त कदम उठाए जा चुके हैं।धमतरी पुलिस की इस कड़ी कार्रवाई से नशे के अवैध कारोबार में लिप्त अपराधियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में नशे के कारोबार से कमाई गई अवैध संपत्ति को किसी भी हाल में सुरक्षित नहीं रहने दिया जाएगा। जब्त की गई इन संपत्तियों से संबंधित मामलों को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए मुंबई स्थित सक्षम प्राधिकारी को भेज दिया गया है।

ताकि संपत्तियों को राजसात करने की अगली प्रक्रिया पूरी की जा सके। नशे के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ यह वित्तीय चोट आगे भी लगातार जारी रहेगी।


