धमतरी/कुरुद। राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक मादा बंदर की अकाल मृत्यु हो गई। यह घटना क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस दुखद दृश्य को देखकर वहां से गुजर रहे लोग अत्यंत व्यथित नजर आए।मिली जानकारी के अनुसार, धमतरी जिला पंचायत के पूर्व सदस्य खूबलाल ध्रुव जब रायपुर की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने हाईवे के बीचों-बीच एक मादा बंदर का क्षत-विक्षत शव पड़ा हुआ देखा। शव सड़क के बिल्कुल मध्य में होने के कारण वहां से गुजरने वाले अन्य वाहनों के लिए गंभीर दुर्घटना की

आशंका बनी हुई थी। अचानक किसी शव को बचाने के चक्कर में अन्य वाहन चालक भी अनियंत्रित हो सकते थे,जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था।मामले की गंभीरता और संभावित खतरे को देखते हुए खूबलाल ध्रुव और उनके साथियों ने संवेदनशीलता का परिचय दिया। उन्होंने तत्काल अपने वाहन को रोककर मृत बंदर के शव को अत्यंत सम्मान और सुरक्षित रूप से सड़क के बीच से हटाकर किनारे रखा। इस त्वरित प्रयास की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित होने से बच गया और साथ ही

अन्य वन्यजीवों व वाहन चालकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकी।इस हादसे के बाद क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने गहरी चिंता व्यक्त की है।उनका कहना है कि नेशनल हाईवे के कई हिस्से वन्यजीव बहुल क्षेत्रों से होकर गुजरते हैं, जहां अक्सर बंदरों और अन्य जानवरों का आना-जाना लगा रहता है।वाहनों की अत्यधिक गति और चालकों की लापरवाही के कारण मूक जानवर अक्सर इन हादसों का शिकार हो जाते हैं।वन्यजीवों को हमारी प्रकृति और पर्यावरण की अमूल्य धरोहर मानते हुए स्थानीय लोगों ने आम जनता से एक विशेष अपील की है।उन्होंने कहा कि हम सभी नागरिकों और वाहन चालकों की यह सामूहिक जिम्मेदारी है कि हाईवे पर चलते समय, विशेषकर वन्यजीव क्षेत्रों के आसपास, पूरी सावधानी बरतें। वाहनों की गति को नियंत्रित रखा जाए ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक और दुखद हादसों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके और पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखा जा सके।



