धमतरी। साल्हेवार पारा में कथित गौमांस बरामदगी के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस घटना के विरोध में मंगलवार को मूल छत्तीसगढ़िया सर्व गांड़ा समाज के बैनर तले प्रदेशभर से आए समाज के सैकड़ों लोगों ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन को राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा और मामले में निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग की।समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि साल्हेवार पारा क्षेत्र में हुई कथित गौमांस बरामदगी की घटना के बाद मीडिया और सोशल मीडिया पर उस इलाके को “गांड़ा बस्ती” के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। इससे पूरे गांड़ा समाज की सामाजिक छवि को गहरा धक्का लगा है। समाज ने प्रशासन से मांग की है कि उक्त क्षेत्र में निवास करने वाले लोगों की वास्तविक जाति की जांच कराई जाए। यदि वहां गांड़ा समाज के लोग नहीं रहते हैं, तो उस क्षेत्र का नाम तत्काल बदला जाए।प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रांतीय अध्यक्ष प्रदीप कुमार कुलदीप, प्रदेश उपाध्यक्ष देवशरण नाग और देवकुमारी नरेंद्र सिंह चौहान सहित अन्य पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि गौमांस मामले का मुख्य आरोपी खुद को गांड़ा समाज का बता रहा है, जबकि उसका समाज से कोई लेना-देना नहीं है।पदाधिकारियों के अनुसार, आरोपी मूल रूप से ओडिशा से आकर यहां रह रहा था। समाज ने मांग की है कि आरोपी की वास्तविक जाति और पहचान का प्रशासनिक स्तर पर सत्यापन कराया जाए, ताकि किसी निर्दोष समाज को बदनामी का दंश न झेलना पड़े।प्रतिनिधियों ने समाज की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए कहा कि गांड़ा

समाज परंपरागत रूप से कोटवारी, बुनकर, देव सेवा, गायता और बाजा बजाने जैसे सम्मानजनक कार्यों से जुड़ा रहा है। गौमांस या पशु वध जैसी गतिविधियों से उनका कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी राज्यों से आए कुछ तत्व गलत गतिविधियों में संलिप्त होकर खुद को इस समाज का बताते हैं, जिससे स्थानीय समाज को अपमानित होना पड़ रहा है।सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि कथित गौमांस तस्करी और बिक्री में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, जाति की गलत जानकारी देकर समाज को बदनाम करने वालों पर भी मुकदमा दर्ज हो। इसके अतिरिक्त, समाज ने साल्हेवार पारा स्थित कथित गांड़ा बस्ती का नाम बदलकर भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखने की मांग उठाई है।कलेक्ट्रेट परिसर में ज्ञापन लेने पहुंचे नायब तहसीलदार योगेश साहू ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि समाज की मांगों और इस पूरे विषय से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। इधर, समाज के लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर त्वरित और उचित निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा।


